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भारत में एयरबीएनबी पर जेन जी होस्टिंग में करीब 40% की बढ़ोतरी

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  • भारत में जेन जी होस्ट कम्युनिटी में सालाना आधार पर करीब 40% की बढ़ोतरी हुई, एयरबीएनबी से जुड़ने वाले नए भारतीय होस्ट्स में करीब पांच में से दो जेन जी हैं
  • युवा भारतीय महानगरों के साथ-साथ उभरते शहरों एवं ग्रामीण इलाकों में भी एयरबीएनबी होस्टिंग को अपना रहे हैं। युवा होस्ट बढ़ने के मामले में इंदौर देश के सबसे तेजी से बढ़ने वाले शहरों में से एक के रूप में उभरकर सामने आया है।
  • 2026 की पहली छमाही में जेन जी होस्ट्स की एयरबीएनबी से होने वाली कमाई में सालाना आधार पर 60% से अधिक की वृद्धि हुई है।

देहरादून। भारत के जेन जी युवा सिर्फ अलग अंदाज में यात्रा ही नहीं कर रहे, बल्कि एयरबीएनबी पर होस्ट बनकर अपने घरों के दरवाजे भी दुनिया के लिए खोल रहे हैं। एयरबीएनबी के नवीनतम आंकड़े बताते हैं कि 2026 की पहली छमाही में भारत में जेन जी (Gen Z) होस्ट्स की संख्या सालाना आधार पर करीब 40 प्रतिशत बढ़ी है। इस दौरान एयरबीएनबी से जुड़ने वाले नए भारतीय होस्ट्स में लगभग पांच में से दो की उम्र 18 से 29 वर्ष के बीच रही। यह इस बात संकेत है कि भारत में युवाओं का एक नया वर्ग तेजी से होस्टिंग की ओर कदम बढ़ा रहा है।

इस साल की शुरुआत में एयरबीएनबी की ‘नेवर द सेम’ रिपोर्ट में सामने आया था कि भारत में जेन जी युवाओं ने देश में यात्रा करने के तरीके को काफी हद तक बदलकर रख दिया है। अब नए आंकड़े बताते हैं कि यही पीढ़ी यात्रा के अनुभव के दूसरे छोर पर भी तेजी से आगे बढ़ रही है और देशभर में अपने घरों के दरवाजे खोलकर ऐसे स्थानों को होमस्टे के नक्शे पर ला रही है, जो अब तक कम चर्चा में रहे हैं।

दोनों छोर पर मौजूद हैं जेन जी
भारत में जेन जी होस्ट्स की संख्या देशभर में बढ़ रही है। इस वृद्धि का भौगोलिक विस्तार भी खासा महत्वपूर्ण है। बेंगलुरु, दिल्ली, गुरुग्राम, इंदौर, मुंबई और नोएडा उन शहरों में शामिल हैं, जहां जेन जी होस्ट्स की संख्या सबसे तेजी से बढ़ी है। इनमें इंदौर में सालाना आधार पर 120 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

इन शहरों के अलावा देहरादून, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोच्चि, लखनऊ और मथुरा जैसे स्थानों पर भी युवा होस्ट्स सामने आ रहे हैं। ये वही जगहें हैं, जिनके बारे में ‘नेवर द सेम’ में बताया गया था कि भारत में अधिक विविध एवं कम पारंपरिक यात्रा का अनुभव तलाशने वाले जेन जी इन जगहों को खासा पसंद कर रहे हैं।

देहरादून में जेन जी एयरबीएनबी होस्ट श्रेया ने बताया, ‘मेरे मन में होस्टिंग का विचार तब आया, जब मैं वापस देहरादून आई और अपने घर को बिल्कुल अलग नजरिये से देखा। एक ऐसा घर, जहां गार्डन है, शांति है और सुकून भी है। अपनी मां के प्रोत्साहन से मैंने घर की खाली पड़ी पहली मंजिल को मेहमानों के लिए तैयार किया। एयरबीएनबी पर होस्टिंग की मदद से मुझे मेहमानों के लिए गर्मजोशी से भरपूर जगह तैयार करने के अपने शौक को काम में बदलने का मौका मिला। साथ ही, इससे मुझ़े परिवार के साथ समय बिताने, यात्रा करने और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन में अपनी रुचि तलाशने की आजादी मिली।’

भारत में करीब सात में से एक जेन जी होस्ट ने सुपरहोस्ट का दर्जा हासिल किया है। एयरबीएनबी यह दर्जा लगातार बेहतर मेहमाननवाजी के लिए देता है। खास बात यह है कि जेन जी होस्ट सालभर में करीब 40 प्रतिशत बढ़े हैं, इसके बावजूद सुपरहोस्ट के मामले में उनकी हिस्सेदारी स्थिर बनी हुई है। आंकड़े बताते हैं कि युवा होस्ट्स की संख्या बढ़ने से सेवा की गुणवत्ता में कमी नहीं आई है।

कमाई का नया जरिया बन रही होस्टिंग
जेन जी होस्ट बढ़ने के साथ ही इससे कमाई करने वाले युवाओं की संख्या भी बढ़ रही है। 2026 की पहली छमाही में एयरबीएनबी पर जेन जी होस्ट्स की कमाई सालाना आधार पर 60 प्रतिशत से अधिक बढ़ी।

शहरों से आगे बढ़ रही होस्टिंग
भारत में जेन जी होस्टिंग का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि इसका विस्तार बड़े शहरों से बाहर हो रहा है। ग्रामीण इलाकों में जेन जी होस्ट्स की संख्या सालाना आधार पर 60 प्रतिशत बढ़ी है। वहीं, कम भीड़-भाड़ वाले शहरी इलाकों में इसमें करीब 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह दिखाता है कि युवा भारत के उन लोगों तक भी यात्रा से जुड़े आर्थिक अवसर पहुंचा रहे हैं, जो अब तक मुख्यधारा के पर्यटन से अपेक्षाकृत दूर रहे हैं।

यात्रियों के नजरिये से देखें तो इस विस्तार का मतलब ठहरने के ज्यादा विविध और अलग तरह के विकल्पों से है, जहां स्थानीय जगहों की अच्छी जानकारी रखने वाले मेजबान मिलते हैं। वहीं, स्थानीय समुदायों में यह युवाओं के लिए अपनी शर्तों पर आर्थिक अवसर तैयार करने का जरिया बन रहा है। ऐसे होस्ट यात्रियों को उन जगहों और समुदायों का नजदीकी अनुभव भी दे सकते हैं, जहां वे खुद रहते हैं।

एयरबीएनबी इंडिया एंड साउथईस्ट एशिया के कंट्री हेड अमनप्रीत सिंह बजाज ने कहा, “भारत में जेन जी यात्रा में अपनी भूमिका को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। ये युवा सिर्फ यात्री नहीं हैं, बल्कि तेजी से होस्ट एवं उद्यमी के तौर पर भी सामने आ रहे हैं। हम देख रहे हैं कि युवा भारतीय यात्रियों के लिए अपने घरों के दरवाजे खोल रहे हैं, स्थानीय जानकारियां साझा कर रहे हैं और एयरबीएनबी पर होस्टिंग के जरिये अपने लिए नए अवसर भी बना रहे हैं। यह देखना उत्साहजनक है कि यह पीढ़ी अपनी रचनात्मकता, उद्यमशीलता और स्थानीय नजरिये के साथ एयरबीएनबी की होस्ट कम्युनिटी को एक नई पहचान दे रही है।”

भारत में यात्रा का परिदृश्य लगातार बदल रहा है। ऐसे में जेन जी की यह नई पीढ़ी यात्रियों को भारत को ज्यादा विविधतापूर्ण तरीके से देखने का मौका दे रही है। यह बदलाव एक-एक मोहल्ले, समुदाय और घर से होते हुए आगे बढ़ रहा है।

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