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एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रहार, विधौली और रानीपोखरी में पांच निर्माण सील; स्वीकृत मानचित्रों के उल्लंघन और बिना अनुमति किए जा रहे बहुमंजिला निर्माणों पर सख्त कार्रवाई, प्राधिकरण ने दी चेतावनी

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देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों और भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अपना अभियान तेज करते हुए मंगलवार को प्राधिकरण क्षेत्र के विधौली और रानीपोखरी क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई की। संयुक्त टीम ने विभिन्न स्थानों पर चल रहे पांच अवैध एवं मानचित्र स्वीकृति के विपरीत किए जा रहे बहुमंजिला निर्माणों को सील कर दिया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप की स्थिति बनी रही। एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों और निरीक्षण के दौरान पाए गए नियमों के उल्लंघन के आधार पर यह कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृति अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

विधौली में चार स्थानों पर कार्रवाई
कार्रवाई के तहत 32 बिघा, विधौली क्षेत्र में राजू छावड़ा द्वारा स्वीकृति के विपरीत अलग-अलग किए जा रहे दो बहुमंजिला निर्माणों को सील किया गया। इसी क्षेत्र में स्नेहा लता/जैन द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई। इसके अतिरिक्त पोस्ट ऑफिस रोड, विधौली स्थित यूपीईएस के निकट राजू द्वारा किए जा रहे बहुमंजिला निर्माण को भी नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर सील कर दिया गया। वहीं वॉक-इन, विधौली क्षेत्र में प्रिन्स द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण को भी प्राधिकरण की टीम ने सील कर दिया।

रानीपोखरी में भी चला प्राधिकरण का अभियान
एमडीडीए की टीम ने रानीपोखरी क्षेत्र के रखवाल गांव, पालि भोपुर में राजीव चोपड़ा द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। जांच में निर्माण कार्य नियमानुसार नहीं पाए जाने पर संबंधित भवन को सील करने की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने मौके पर निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश भी दिए।

नियमों के उल्लंघन पर होगी कठोर कार्रवाई
एमडीडीए का कहना है कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों के बीच भवन निर्माण उपविधियों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। प्राधिकरण लगातार निगरानी कर रहा है और जिन निर्माणों में नियमों की अनदेखी की जा रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।अधिकारियों के अनुसार अवैध निर्माण न केवल शहर की नियोजित विकास व्यवस्था को प्रभावित करते हैं बल्कि भविष्य में सुरक्षा, यातायात और मूलभूत सुविधाओं पर भी अतिरिक्त दबाव उत्पन्न करते हैं। इसी उद्देश्य से प्राधिकरण ने क्षेत्रवार निगरानी और प्रवर्तन अभियान को और प्रभावी बनाया है।

नियोजित विकास के लिए जरूरी है नियमों का पालन
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देहरादून के नियोजित और संतुलित विकास के लिए भवन निर्माण नियमों का पालन अनिवार्य है। प्राधिकरण लगातार प्रवर्तन अभियान चला रहा है और भविष्य में भी ऐसे निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी भूमि या भवन में निवेश करने से पहले उसकी वैधता और प्राधिकरण से प्राप्त स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें। अवैध निर्माणों को संरक्षण देने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

लोगों से सहयोग की अपील
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि नियमानुसार विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि कहीं भी अवैध निर्माण की सूचना मिलती है तो प्राधिकरण तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगा। उन्होंने आमजन से भी ऐसे मामलों की जानकारी प्राधिकरण को उपलब्ध कराने की अपील की।

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