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देहरादून महायोजना-2041 पर छठे दिन भी उमड़ा जनसैलाब, रायपुर क्षेत्र के लोगों ने रखी विकास की प्राथमिकताएं

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  • देहरादून महायोजना-2041 पर छठे दिन भी उमड़ा जनसैलाब, रायपुर क्षेत्र के लोगों ने रखी विकास की प्राथमिकताएं
  • लक्सूरिया फार्म हाउस, किशनपुर में आयोजित जनसुनवाई शिविर में करीब 100 लोगों ने दिए सुझाव, विधायक उमेश शर्मा काऊ भी हुए शामिल

देहरादून। राजधानी देहरादून के सुनियोजित और दीर्घकालिक विकास की आधारशिला मानी जा रही देहरादून महायोजना-2041 को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा संचालित जनसंवाद एवं जनसुनवाई अभियान के छठे दिन भी लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सोमवार को लक्सूरिया फार्म हाउस, किशनपुर, कैनाल रोड में आयोजित जनसुनवाई शिविर में रायपुर क्षेत्र सहित सेक्टर-06 के नागरिकों, भू-स्वामियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं। जनसुनवाई शिविर के दौरान लगभग 100 लोगों ने महायोजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी। लोगों ने सड़क नेटवर्क, ट्रैफिक प्रबंधन, जल निकासी व्यवस्था, हरित क्षेत्रों के संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार, पार्किंग व्यवस्था, आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों के संतुलन तथा भविष्य की शहरी आवश्यकताओं को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। एमडीडीए की टीम ने सभी सुझावों और आपत्तियों को गंभीरता से सुनते हुए उनका विधिवत अभिलेखीकरण किया। जनसुनवाई शिविर में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया सहित प्राधिकरण के तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों ने खुलकर अपने विचार रखे और शहर के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

रायपुर क्षेत्र के विकास मुद्दों पर विधायक ने रखी विस्तृत बात

जनसुनवाई शिविर में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ भी मौजूद रहे। उन्होंने देहरादून महायोजना-2041 को लेकर अपने विचार विस्तार से रखे और रायपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता द्वारा समय-समय पर उठाए गए विकास संबंधी मुद्दों और अपेक्षाओं से भी एमडीडीए अधिकारियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते देहरादून में विकास योजनाओं का निर्माण स्थानीय आवश्यकताओं और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। रायपुर क्षेत्र में यातायात, आधारभूत सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित शहरी विकास से जुड़े मुद्दों को महायोजना में प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से तैयार होने वाली योजना ही भविष्य में प्रभावी और सफल साबित होगी।

जनभागीदारी से तैयार होगा देहरादून का विजन डॉक्यूमेंट

एमडीडीए अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को बताया कि देहरादून महायोजना-2041 केवल भूमि उपयोग का दस्तावेज नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में राजधानी के विकास, पर्यावरण संरक्षण, आधारभूत ढांचे के विस्तार और नागरिक सुविधाओं की समग्र रूपरेखा है। यही कारण है कि योजना को अंतिम स्वरूप देने से पहले प्रत्येक सेक्टर में जाकर नागरिकों के सुझाव लिए जा रहे हैं। प्राधिकरण का मानना है कि हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट चुनौतियां और संभावनाएं हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर से प्राप्त सुझाव महायोजना को अधिक व्यावहारिक, संतुलित और जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उन्हें योजना में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।

21 जुलाई तक जारी रहेगा जनसंवाद अभियान

एमडीडीए द्वारा 6 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक शहर के विभिन्न सेक्टरों में जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों, भू-स्वामियों, व्यापारिक संगठनों और अन्य हितधारकों को सीधे योजना निर्माण प्रक्रिया से जोड़ना है ताकि भविष्य का देहरादून उनकी अपेक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित हो सके।

कल जीआरडी यूनिवर्सिटी में लगेगा अगला शिविर

जनसंवाद अभियान के अगले चरण में 14 जुलाई 2026 को जीआरडी यूनिवर्सिटी, राजपुर रोड, देहरादून में जनसुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। एमडीडीए ने संबंधित क्षेत्र के नागरिकों, संस्थाओं और भू-स्वामियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने की अपील की है।

नागरिकों के सुझाव बनेंगे विकास की दिशा— बंशीधर तिवारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 शहर के भविष्य का महत्वपूर्ण दस्तावेज है और इसे तैयार करने में नागरिकों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझाव यह दर्शाते हैं कि लोग अपने शहर के विकास को लेकर सजग और गंभीर हैं। इन सुझावों के आधार पर ऐसी महायोजना तैयार की जाएगी जो विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के बीच संतुलन स्थापित कर सके तथा आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं को भी पूरा कर सके।

हर सुझाव का होगा निष्पक्ष परीक्षण— मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि जनसुनवाई प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा रही है। प्राप्त प्रत्येक सुझाव और आपत्ति का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है तथा विशेषज्ञों द्वारा उसका तकनीकी और विधिक परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि महायोजना का उद्देश्य केवल शहरी विस्तार नहीं बल्कि एक ऐसा व्यवस्थित, सुरक्षित और सतत विकास मॉडल तैयार करना है जो देहरादून की पहचान और प्राकृतिक विरासत को भी संरक्षित रख सके।

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